Friday, May 27, 2016

Shri Gusaiji Ke Sevak Do Patel Bhai ( Jo Malayagiree Chandan Laye) Ki Varta

२५२ वैष्णवो की वार्ता

वैष्णव(१४४) श्रीगुसांईजी के सेवक दो पटेल भाई (जो मलयागिरी चंदन लाए ) की वार्ता

वे पटेल भाई गुजरात से ब्रज में गए और श्रीगुसांईजी के सेवक हुए| वहां श्रीगोवर्धननाथजी की सेवा में रहे । श्रीगोवर्धननाथजी की तन-मन-धन से सेवा करके दोनों भाई श्रीगुसांईजी के निर्देशनुसार एक दिन मलयागिरी चन्दन लेने के लिए चले| वे दोनों पटेल भाई मलयागिरी पर जाकर चन्दन के वृक्ष को काटने लगे, तो एक भाई को सर्प ने फुफार मार दी । दूसरे भाई ने श्रीगोवर्धनजी का नाम लेकर जल के छींटे लगा दिए| उसके विष का प्रभाव शांत हो गया| विष उतर गया| उन्होंने श्रीगुसांईजी को मलयागिरी चन्दन लेजाकर अर्पण किया। श्रीगुसांईजी ने आज्ञा की-"तुम दोनों भाई कुछ मांग लो" उन्होंने विनती की-" हम अपने हाथ से श्रीनाथजी को चन्दन धराना चाहते है|" श्रीगुसांईजी ने आज्ञा की-" तुम अपने हाथो चंदन धाराओं|" उनमे से एक भाई ने चन्दन धराया और दूसरे ने पंखा दिया| दोनों भाई श्रीगुसांईजी के ऐसे कृपा पात्र थे जिनसे श्रीनाथजी बोलते थे और वन में उन्हें संग ले जाते थे। श्रीगुसांईजी की कृपा से दोनों भाई भगवदीय हुए|

|जय श्री कृष्णा|
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