श्री कृष्ण और कालिया नाग की कथा
कलिया नाग दमन भगवान कृष्ण के असंख्य कारनामों में से एक है। कालिया नाग एक बड़ा सर्प था जिसने पास के क्षेत्रों में लोगों को आतंकित किया है। दिलचस्प बात यह है कि क्यों कलिया नाग ने वृंदावन में अपना घर बनाया था ।
क्यों कलिया नाग ने वृन्दावन चुना ?
कालिया सर्प का असली घर रामनका द्वीप था, गरुड़ के भय के कारन वो वहासे अपनी पत्नियों के साथ वृन्दावन में आ बसा. गरुड़ को वृन्दावन के एक ऋषि ने श्राप दिया था की वो अपनी मृत्यु से पहले वृन्दावन में नहीं आ सकते। इसलिए कालिया नाग ने वृन्दावन को अपना घर चुना क्युकी वो जनता था की ऋषि के श्राप के कारन गरुड़ वहा नहीं आ सकते।
कालिया नाग के विष के कारण यमुना नदी के आसपास का सारा इलाका जहरीला हो गया था. यमुना नदी के पानी के वाष्प और बुलबुले भी इतने जहरीले हो गए थे की नदी के ऊपर उड़ने वाले पक्षीओ की भी मृत्यु हो जाती थी.
एक बार कृष्णा और सभी ग्वाले यमुना नदी के किनारे गेंद खेल रहे थे, और श्री कृष्ण ने खेलते समय गेंद को यमुना नदी में गिरा दिया। सभी ग्वालो ने श्री कृष्ण को नदी में से गेंद बहार लेन के लिए उकसाया। श्री कृष्णा कदम्ब के वृक्ष पर से चढ़कर नदी में कूद गए. कलिया नाड अपनी दस भुजासे जहर को बहार निकलता था और कृष्णस के शरीर के चारों ओर से लपेट लिया था। श्री कृष्ण ने कालिया के हर प्रहार का मुकाबला किया और विवश होक कालिया नाग को शरणागति करनी पड़ी. कालिया नाग ने श्री कृष्ण से माफ़ी मांगी और जीवनदान के लिए विनती की.
कृष्ण ने शक्तिशाली कालिया को पछाड़ दिया और कलिया के सर पर नृत्य करते हुए नदी में से बहार आए । श्री कृष्ण ने नृत्य करके कलिया के सिर पर अपने पैरों के निशान के निशान छोड़े। कालिया सर्प की पत्नी ओ ने श्री कृष्ण से दया करने के लिए विनती की श्री कृष्ण ने कलिया के जीवन को बचाया और उन्हें यमुना छोड़ने और महासागर में शरण लेने का आदेश दिया। कालीया को आश्वासन दिया गया था कि गरुड़ उसके सिर पर श्रीकृष्ण के पैरों के निशान को देखने पर उस पर हमला नहीं करेगा।
क्यों कलिया नाग ने वृन्दावन चुना ?
कालिया सर्प का असली घर रामनका द्वीप था, गरुड़ के भय के कारन वो वहासे अपनी पत्नियों के साथ वृन्दावन में आ बसा. गरुड़ को वृन्दावन के एक ऋषि ने श्राप दिया था की वो अपनी मृत्यु से पहले वृन्दावन में नहीं आ सकते। इसलिए कालिया नाग ने वृन्दावन को अपना घर चुना क्युकी वो जनता था की ऋषि के श्राप के कारन गरुड़ वहा नहीं आ सकते।
कालिया नाग के विष के कारण यमुना नदी के आसपास का सारा इलाका जहरीला हो गया था. यमुना नदी के पानी के वाष्प और बुलबुले भी इतने जहरीले हो गए थे की नदी के ऊपर उड़ने वाले पक्षीओ की भी मृत्यु हो जाती थी.
एक बार कृष्णा और सभी ग्वाले यमुना नदी के किनारे गेंद खेल रहे थे, और श्री कृष्ण ने खेलते समय गेंद को यमुना नदी में गिरा दिया। सभी ग्वालो ने श्री कृष्ण को नदी में से गेंद बहार लेन के लिए उकसाया। श्री कृष्णा कदम्ब के वृक्ष पर से चढ़कर नदी में कूद गए. कलिया नाड अपनी दस भुजासे जहर को बहार निकलता था और कृष्णस के शरीर के चारों ओर से लपेट लिया था। श्री कृष्ण ने कालिया के हर प्रहार का मुकाबला किया और विवश होक कालिया नाग को शरणागति करनी पड़ी. कालिया नाग ने श्री कृष्ण से माफ़ी मांगी और जीवनदान के लिए विनती की.
कृष्ण ने शक्तिशाली कालिया को पछाड़ दिया और कलिया के सर पर नृत्य करते हुए नदी में से बहार आए । श्री कृष्ण ने नृत्य करके कलिया के सिर पर अपने पैरों के निशान के निशान छोड़े। कालिया सर्प की पत्नी ओ ने श्री कृष्ण से दया करने के लिए विनती की श्री कृष्ण ने कलिया के जीवन को बचाया और उन्हें यमुना छोड़ने और महासागर में शरण लेने का आदेश दिया। कालीया को आश्वासन दिया गया था कि गरुड़ उसके सिर पर श्रीकृष्ण के पैरों के निशान को देखने पर उस पर हमला नहीं करेगा।
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जय श्री कृष्ण|

Rishi ka name saubhari rishi tha please unka name bhi story me add Kare.
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